
अंबेडकरनगर। रामनगर विकासखंड के बडेपुर सारा, हिसामुद्दीनपुर पिपरा समेत कई ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं के सामने आने के बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी राम बलिराम नपे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में मिली वित्तीय और प्रशासनिक खामियां
जिला पंचायत राज अधिकारी उपेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। पाया गया कि राम बलिराम ने अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं किया। पंचायत सहायकों और रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, हैंडपंपों की मरम्मत की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई और अन्य वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आईं।
निलंबन और जांच की प्रक्रिया
जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने राम बलिराम को निलंबित किया। साथ ही जलालपुर के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को विस्तृत जांच के लिए नियुक्त किया गया। निलंबन के दौरान राम बलिराम टांडा विकासखंड कार्यालय से जुड़े रहेंगे और बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकते।
पहले भी हो चुका है निलंबन
राम बलिराम नपे पहले भी टांडा विकासखंड में तैनाती के दौरान निलंबित हो चुके हैं। हालांकि उस दौरान उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखा गया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पंचायती राज व्यवस्था में अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों की शिकायतें सही साबित
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा था और पंचायत स्तर पर भुगतान संबंधी समस्याएं आम थीं। निलंबन की कार्रवाई इन लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बाद हुई।








