स्वास्थ्य : विटमिन D की कमी भारत में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुकी है। खराब खानपान, बदलती लाइफस्टाइल और धूप से दूरी के कारण बड़ी संख्या में लोग इसकी कमी का शिकार हो रहे हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में Vitamin D की कमी होने पर जोड़ों में दर्द, हड्डियों की कमजोरी, लगातार थकान और बार-बार बीमार पड़ने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर नियमित रूप से शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा बनाए रखने की सलाह देते हैं।
Vitamin D को “सनशाइन विटामिन” भी कहा जाता है क्योंकि इसका सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत धूप है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुबह की धूप में 10 से 30 मिनट तक बैठने से शरीर में इसकी कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। सांवली त्वचा वाले लोगों को 35 से 40 मिनट तक धूप लेने की जरूरत पड़ सकती है।
इसके अलावा दूध, दही, पनीर, घी, अंडा, फैटी फिश और मशरूम जैसे खाद्य पदार्थ भी Vitamin D बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित खानपान और एक्टिव लाइफस्टाइल से शरीर में इसकी मात्रा नेचुरल तरीके से बेहतर रखी जा सकती है।
हालांकि कुछ लोग सप्लीमेंट्स का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन विशेषज्ञ बिना डॉक्टरी सलाह के इन्हें लेने से बचने की सलाह देते हैं। अधिक मात्रा में सप्लीमेंट्स लेने से शरीर में कैल्शियम बढ़ सकता है, जिससे किडनी, दिल और पाचन से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।









