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विपक्षी दलों का जोरदार विरोध, डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी
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लोकसभा में बहस और हंगामे के बीच पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक
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राज्यसभा में पेश विधेयक पर जारी है तीखी बहस, आईएनडीआईए गठबंधन कर रहा विरोध
नई दिल्ली | वक्फ संशोधन विधेयक 2024 लोकसभा में पारित होने के बाद अब राज्यसभा में पेश किया गया है। इस विधेयक के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि 232 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि “संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने जितना काम इस विधेयक पर किया है, उतना किसी अन्य कमेटी ने नहीं किया।”
विपक्षी दलों का विरोध, डीएमके जाएगी सुप्रीम कोर्ट
विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों ने संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, टीएमसी और आईएनडीआईए गठबंधन के सांसदों ने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए आपत्ति जताई। डीएमके ने ऐलान किया कि अगर यह विधेयक पास होता है, तो वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
लोकसभा में हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
इस विधेयक पर लोकसभा में लंबी बहस चली, जिसके दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। बावजूद इसके, बहुमत के आधार पर विधेयक पारित हो गया। अब राज्यसभा में भी इस पर तीखी बहस जारी है।
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2024?
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की देखरेख और प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाना है। सरकार का दावा है कि यह विधेयक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और प्रशासनिक सुधार लाने के लिए लाया गया है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बता रहा है।
अब राज्यसभा में चर्चा पूरी होने के बाद यह विधेयक आगे की प्रक्रिया से गुजरेगा, जिसके बाद यह कानून बन सकता है।








