- BSF की कार्रवाई में मारे गए आतंकी कौन थे?
- जम्मू-पठानकोट हमले के पीछे कौन सी रणनीति थी?
- क्यों पाकिस्तान ने एक साथ कई सेक्टरों में किया हमला?
जम्मू/श्रीनगर। पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के 11 इलाकों पर किए गए भारी हमले को भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। गुरुवार रात जम्मू, पठानकोट समेत कई क्षेत्रों पर 100 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम S-400 और आकाश मिसाइलों ने इसे विफल कर दिया।
जवाबी कार्रवाई में 7 आतंकी ढेर
सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सांबा इंटरनेशनल बॉर्डर पर जवाबी कार्रवाई करते हुए 7 आतंकवादियों को मार गिराया। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उरी में सैनिकों से मुलाकात की, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घायलों को देखा।
LoC पर जारी है पाकिस्तानी फायरिंग
पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर कुपवाड़ा, उरी, आरएसपुरा और बारामुला में गोलीबारी जारी रखी है। कई जगहों पर मिसाइल दागे जाने की भी खबर है। अब तक इन हमलों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक घायल हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से हाई अलर्ट
7 मई से शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जम्मू-कश्मीर हाई अलर्ट पर है। बीती रात पाकिस्तान ने LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन भेजने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने 50 से अधिक ड्रोन मार गिराए। इस ऑपरेशन में L-70 गन, Zu-23mm, शिल्का सिस्टम और एडवांस ड्रोन-रोधी हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
आम नागरिकों पर असर, गांवों में दहशत
पाकिस्तानी गोलाबारी से सीमावर्ती गांवों के घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। राजौरी के एक निवासी शैलेश कुमार ने बताया, “हम डर के मारे रात में ही घर छोड़कर भाग गए। मेरे घर पर दो गोले गिरे, पूरा गांव खाली हो गया।”
बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी और पुंछ जैसे इलाकों में तोपों से हमले हुए, जिससे कई घर और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।








