
- यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर
- ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंचा पानी
- कई घाट और 8 चितास्थल डूबे
- 25 किसान खेतों में फंसे, स्टीमर से रेस्क्यू
आगरा। यमुना नदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को यमुना का जलस्तर डेंजर लेवल से 2 फीट ऊपर पहुंच गया। पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच गया है। कैलाश घाट, बल्केश्वर घाट, हाथी घाट और दशहरा घाट की सीढ़ियों समेत श्मशान घाट के 8 चितास्थल डूब गए हैं।
यमुना का जलस्तर 497 फीट पर
गोकुल बैराज से सोमवार को 99 हजार क्यूसेक और मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में यमुना का जलस्तर 497 फीट हो गया है। जबकि खतरे का निशान 495 फीट है। यानी पानी डेंजर लेवल से 2 फीट ऊपर है।
हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार सुबह 9 बजे 3.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो 5 सितंबर तक आगरा पहुंचेगा। ऐसे में नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
कई घाट और खेत डूबे, 25 किसान फंसे
यमुना के बढ़ते जलस्तर से बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट और ताजगंज मोक्षधाम के 8 चितास्थल डूब गए। वहीं तनौरा-नूरपुर और मेहरा नाहरगंज के 25 किसान करीब तीन घंटे तक खेतों में फंसे रहे, जिन्हें स्टीमर से बाहर निकाला गया। शहरी इलाकों और गांवों में पानी घुसने की आशंका जताई जा रही है।
परिवारों का पलायन शुरू
सदर तहसील के डौकी क्षेत्र के तनौरा-नूरपुर गांव के 5 परिवारों ने अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। उनके घरों तक पानी पहुंच चुका है।
कौन-कौन से इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं
तहसील सदर में तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढ़ी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टाकीज, यमुना किनारा रोड, वेदांत मंदिर से फोर्ट तक के इलाके प्रभावित हो सकते हैं। वहीं फतेहाबाद तहसील के भरापुर, बमरौली, ईदौन, भडायना, मेवीकलॉ, गुड़ा मेवली खुर्द और हिमायूपुर जैसे गांवों में भी खतरा है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
ADM (FR) शुभांगी शुक्ला ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा—
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जरूरी दस्तावेज वॉटरप्रूफ बैग में रखें।
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क्लोरिन, ORS और दवाइयां साथ रखें।
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बाढ़ का अलर्ट मिलते ही गर्भवती महिलाएं, बच्चे, वृद्ध और बीमार लोग तुरंत शरणालयों में जाएं।
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उबला हुआ या क्लोरिन युक्त पानी ही पिएं।
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बिजली का मुख्य स्विच और गैस रेगुलेटर बंद रखें।
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बाढ़ के संपर्क में आए खाने का इस्तेमाल न करें।
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पानी के किनारे न जाएं, जरूरी सामान ऊंचे स्थान पर रखें।









