
- रिलायंस का नया कदम, “ऑपरेशन सिंदूर” ट्रेडमार्क आवेदन
- भारत-पाकिस्तान टेंशन, ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई
- क्या है “ऑपरेशन सिंदूर” और इसका ट्रेडमार्क से क्या संबंध है?
मुंबई। 8 मई को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए ट्रेडमार्क का आवेदन किया, जो क्लास 41 के तहत दर्ज किया गया है। इसका मतलब है कि यदि ट्रेडमार्क को मंजूरी मिलती है, तो रिलायंस को एंटरटेनमेंट और कल्चरल एक्टिविटीज के क्षेत्र में इस शब्द का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलेगा।
“ऑपरेशन सिंदूर”: भारत की जवाबी कार्रवाई
यह आवेदन उसी दिन किया गया, जब भारत ने पाकिस्तान के सात शहरों में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। भारतीय सेना ने इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया, जो पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों द्वारा मारे गए लोगों की याद में रखा गया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।
ट्रेडमार्क पर कई आवेदनों की समीक्षा होगी
इसके अलावा, “ऑपरेशन सिंदूर” के ट्रेडमार्क के लिए तीन अन्य व्यक्तियों ने भी आवेदन किया है, जिनमें मुकेश चेतराम अग्रवाल, ग्रुप कैप्टन कमल सिंह ओबेर (रिटायर्ड) और आलोक कोठारी शामिल हैं। भारतीय ट्रेडमार्क रजिस्ट्री अब इन आवेदनों की समीक्षा करेगी, और यह प्रक्रिया महीनों तक चल सकती है। अगर रिलायंस का आवेदन मंजूर हो जाता है, तो वह “ऑपरेशन सिंदूर” का उपयोग विशेष रूप से मिलिट्री संबंधित फिल्में, डॉक्यूमेंट्री या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कर सकेगा।
रिलायंस का एंटरटेनमेंट बिजनेस
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एंटरटेनमेंट क्षेत्र में जियोहॉटस्टार और जियो स्टूडियोज जैसी प्रमुख एंटिटी शामिल हैं। कंपनी के मीडिया और एंटरटेनमेंट ऑपरेशन्स को नेटवर्क18 और वायकॉम18 जैसी कंपनियाँ चलाती हैं। इसके अलावा, रिलायंस की वॉल्ट डिज्नी के साथ भी साझेदारी है, जिससे इसकी मीडिया के क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति बनी रहती है।








