- क्या वाकई रॉबर्ट वाड्रा के बयान में कुछ गड़बड़ थी? जानें पूरी कहानी।
- क्या है लखनऊ हाईकोर्ट का ताजा फैसला? रॉबर्ट वाड्रा को मिली राहत।
- क्या वाड्रा पर एसआईटी जांच होनी चाहिए? कोर्ट का क्या कहना है?
लखनऊ। लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके कथित विवादित बयान पर एसआईटी जांच की मांग की गई थी। यह याचिका हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की अध्यक्षा रंजना अग्निहोत्री द्वारा दाखिल की गई थी।
याचिका में वाड्रा के उस बयान का हवाला दिया गया था, जो उन्होंने पहलगाम की एक घटना के बाद दिया था और जिसे याचिकाकर्ता ने ‘विवादास्पद’ करार दिया था। उन्होंने केंद्र सरकार को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और भारतीय दंड संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
हालांकि, न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सीधे हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में याचिकाकर्ता के पास अन्य वैधानिक उपाय उपलब्ध हैं और उन्हें वहीं से न्याय प्राप्त करना चाहिए।
कोर्ट ने याचिका की सभी मांगों को अस्वीकार करते हुए मामला निपटा दिया। फैसले के साथ ही वाड्रा को फिलहाल इस मामले में कानूनी राहत मिल गई है।








