
- पहलगाम घटना के बाद हिंदू समाज की सुरक्षा की आवाज
- लखनऊ में हिंदू समाज के प्रतिनिधियों का मिलन
- धर्म संसद की महत्वपूर्ण अपीलें
लखनऊ। विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़ी धर्म संसद का आयोजन किया, जिसमें देश भर से कई प्रमुख धर्मगुरु और हिंदू समाज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इस धर्म संसद में यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, अयोध्या के हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास और काशी, मथुरा के प्रमुख हिंदू नेताओं ने भाग लिया।
धर्मगुरु राजू दास ने इस आयोजन में कहा, “धर्म संसद में हिंदू समाज से जुड़े कई अहम मसलों पर चर्चा की जाएगी और प्रस्ताव पारित कर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।”
पोस्टर और होर्डिंग से उभरी आवाज़: “धर्म संसद है जरूरी”
धर्म संसद से पहले लखनऊ के विभिन्न इलाकों में पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए थे, जिनमें “न बंटेंगे न कटेंगे, धर्म संसद है जरूरी” और “कोई धर्म पूछ कर न मारे गोली। 4 मई को उठेगी हिंदुओं की आवाज” जैसे संदेश दिए गए थे। इन पोस्टरों में पहलगाम की घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी, जहां हिंदुओं को उनका धर्म पूछ कर टारगेट किया गया था।
हिंदू राष्ट्र की बात: सनातन यात्रा और सुरक्षा के उपाय
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पहलगाम जैसी घटनाओं से निपटने के लिए हिंदू राष्ट्र का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम इलाकों में विश्व हिंदू रक्षा परिषद अपना “सनातन कवच” (कार्यालय) स्थापित करेगी, ताकि वहां के हिंदू और मंदिरों की रक्षा की जा सके।








