
- सांसद से आइसक्रीम विक्रेता बनने तक का सफर
- 25 एकड़ पुश्तैनी ज़मीन पीछे छोड़ भारत आए दिवाया राम
- सत्ता में होते हुए भी नहीं रोक सके अत्याचार, दे दिया इस्तीफा
फतेहाबाद । पाकिस्तान की संसद में सांसद रह चुके दिवाया राम इन दिनों हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतनगढ़ कस्बे में आइसक्रीम बेचकर अपने परिवार का पालन कर रहे हैं। 80 वर्षीय दिवाया राम 1989 में पाकिस्तान की संसद में अल्पसंख्यक कोटे से चुने गए थे, लेकिन हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर उन्होंने कुछ ही समय में इस्तीफा दे दिया और 2000 में भारत आकर बस गए।
परिवार में 30 सदस्य, 6 को मिल चुकी है नागरिकता
दिवाया राम का परिवार वर्तमान में 30 लोगों का है, जिसमें 2 महिलाओं सहित कुल 6 लोगों को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। शेष ने भी नागरिकता के लिए आवेदन किया है और सरकार की प्रक्रिया जारी है। फतेहाबाद के एसपी सिद्धार्थ जैन के अनुसार जिले में ऐसे कुछ परिवार हैं जो पाकिस्तान से आकर बसे हैं और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत उन्होंने आवेदन दिए हैं। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और नियमों के तहत किसी को वापस पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा।
पाकिस्तान की संसद में भी नहीं रोक पाए अत्याचार
दिवाया राम ने बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीट से वे संसद में पहुंचे थे, लेकिन सांसद बनने के बाद भी वे एक हिंदू लड़की के अपहरण जैसी घटनाओं को रोक नहीं सके। इससे दुखी होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।








