- विकास की नई राह पर ग्रामीण अंचल
- सड़कों से जुड़ेगा गांव, बदलेगा जीवन
- छोटे मजरों को मिलेगा बड़ा लाभ
अम्बेडकरनगर । अम्बेडकरनगर। सदीयों से विकास की बाट जोह रहे ग्रामीण अंचलों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार के निर्देश पर अब 150 से अधिक आबादी वाले मजरों को भी मुख्य सड़कों से जोड़ने की योजना शुरू कर दी गई है। लोक निर्माण विभा
नई नीति से छोटे गांवों को मिलेगा लाभ
अब तक ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए केवल वे मजरे पात्र माने जाते थे जिनकी आबादी कम से कम 250 थी। लेकिन अब यह सीमा घटाकर 150 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में छोटे उप-ग्राम और बसावटें भी मुख्य मार्गों से जुड़ सकेंगी। यह बदलाव ग्रामीण जीवन के हर क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक संपर्क—में सुधार लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।ग (PWD) ने इस ऐतिहासिक पहल के तहत युद्धस्तर पर सर्वेक्षण कार्य आरंभ कर दिया है।
हर ब्लॉक में अभियंताओं की टीम तैनात
प्रत्येक ब्लॉक में चार से पाँच अवर अभियंताओं को सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वेक्षण के दौरान मजरों की कुल आबादी, मुख्य सड़क से दूरी और भौगोलिक स्थिति को जियो टैग के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है। यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, बल्कि शासन को योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद करेगी।
प्रांतीय और निर्माण खंड के अभियंता कर रहे तैयारी
सर्वेक्षण पूर्ण होते ही प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों के आंकड़ों के आधार पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेंगे। इन प्रस्तावों को शासन को अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए माह के अंत तक की समयसीमा तय की गई है। वहीं, सभी सहायक अभियंताओं को कार्य की सतत निगरानी और नियमित फीडबैक देने के निर्देश दिए गए हैं।








