- भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव, क्या हैं इसके कारण
- फाजिल्का के लोग क्यों छोड़ रहे हैं अपने घर
- 1965-71 के युद्ध की यादें, क्या फिर से वह दिन लौट आएंगे
फाजिल्का। भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट फाजिल्का क्षेत्र के ग्रामीणों ने सुरक्षा कारणों से अपने घर छोड़ना शुरू कर दिया है। हालिया हवाई हमलों के बाद बढ़े तनाव के चलते लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपना सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
1965-71 के युद्ध की दर्दनाक यादें
स्थानीय निवासियों ने बताया कि 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था और कई भारतीयों को बंदी बना लिया था। गाँव पक्का चिश्ती के रहने वाले फौजा सिंह, खुशाल सिंह, बलजिंदर सिंह और गुरचरण सिंह ने बताया, “पाकिस्तानी सैनिकों ने उस समय गाँवों में लूटपाट मचाई थी और लोगों का सारा सामान छीन लिया था। हमें डर है कि कहीं ऐसा फिर न हो।”
तनाव के बीच पलायन
भारत द्वारा पाकिस्तान में हवाई हमले के बाद दोनों देशों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसी डर के चलते सीमावर्ती गाँवों के लोग अपने घर छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे 1965-71 जैसे हालात नहीं देखना चाहते, इसलिए समय रहते सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।
प्रशासन की क्या है तैयारी?
अभी तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।
इस बीच, ग्रामीणों का पलायन एक बार फिर युद्ध के डर को उजागर कर रहा है। सरकार और सुरक्षा बलों की ओर से शीघ्र ही कोई ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।








