क्यूं अयोध्या में निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है- जानिए इसके प्रभाव

  • अयोध्या में राम मंदिर का शिखर बन रहा है और भी भव्य
  • क्या है धर्म ध्वजदंड की स्थापना की खासियत? जानिए इसके निर्माण और इतिहास को
  • कैसे स्थापित हुआ अयोध्या के राम मंदिर का 42 फीट ऊंचा ध्वजदंड?

अयोध्या।  श्रीराम जन्मभूमि के भव्य मंदिर के शिखर पर मंगलवार को 42 फीट ऊंचा धर्म ध्वजदंड स्थापित किया गया। मंदिर के शिखर की ऊंचाई अब 203 फीट हो गई है, जिसमें ध्वजदंड का योगदान 42 फीट है। राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, ध्वजदंड का वजन 5.5 टन है और यह पीतल (ब्रास) से बना है, जिसकी आयु लगभग 100 वर्ष है। इसे तैयार करने में 60 कारीगरों ने सात महीने का समय लिया।

क्रेन की मदद से स्थापित हुआ ध्वजदंड

ध्वजदंड की स्थापना के लिए क्रेन का सहारा लिया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंगलवार सुबह 6:30 बजे ध्वजदंड को 160 फीट की ऊंचाई पर खड़ा किया गया। दो क्रेनों की मदद से ध्वजदंड को धीरे-धीरे वर्टिकल खड़ा किया गया और फिर मुख्य शिखर पर स्थापित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ घंटे का समय लगा और सुबह 8 बजे तक यह कार्य पूरा हुआ।

धर्म ध्वजदंड का निर्माण और परिवहन

राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, इस भव्य धर्म ध्वजदंड का निर्माण गुजरात के अहमदाबाद की एक कंपनी ने किया है। जनवरी 2024 में इसे ट्रक के माध्यम से अयोध्या लाया गया था। शिखर तैयार होने के बाद अब इसे मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है।

राम मंदिर के शिखर पर कलश की स्थापना

इससे पहले, 14 अप्रैल को राम मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश की स्थापना की गई थी। कलश की स्थापना से पहले विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था।

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