क्यों जरूरी है इस जनसुनवाई में शामिल होना हर पीड़ित महिला के लिए?

  • न्याय की आस लगाए पीड़ित महिलाओं को मिलेगा सीधा मंच
  • महिला आयोग की जनसुनवाई में मिलेगी त्वरित सुनवाई और समाधान
  • सुनवाई के लिए आधार कार्ड और आवेदन अनिवार्य

अम्बेडकरनगर।  अनसुनी पीड़ा को आवाज देने और अन्याय के खिलाफ मुखर होने का मौका आज महिलाओं और बालिकाओं को मिलेगा। राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता बिंद आज, बुधवार 30 अप्रैल को जनपद पहुंच रही हैं। वह नवीन सर्किट हाउस में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेंगी और मौके पर ही समाधान का प्रयास किया जाएगा।

कौन कर सकता है शिकायत?

  • जिन महिलाओं या बालिकाओं ने पारिवारिक, सामाजिक या कानूनी उत्पीड़न झेला है।

  • जो दहेज, हिंसा, घरेलू अत्याचार या अन्याय का शिकार हुई हैं।

  • जिन्हें संपत्ति, रोजगार या कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया हो।

क्या लेकर आएं?

  • लिखित शिकायत (आवेदन पत्र)

  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने दी जानकारी

जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि पीड़िताएं सीधे महिला आयोग की सदस्य से मिलकर अपनी समस्या बता सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को अपने साथ जरूरी दस्तावेज लाना अनिवार्य है, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके। यह मौका उन सभी महिलाओं के लिए है, जो अब तक चुप्पी तोड़ने से हिचक रही थीं। आज उनकी आवाज सुनी जाएगी और न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी। स्थान: नवीन सर्किट हाउस

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