- पुलिस प्रशासन ने जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याओं का गंभीरता से लिया संज्ञान
- एएसपी पश्चिमी विशाल पाण्डेय का जनसुनवाई में सक्रिय हस्तक्षेप
- जनसुनवाई- फरियादियों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन का ठोस कदम
अम्बेडकरनगर । मंगलवार को पश्चिमी जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विशाल पाण्डेय ने जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने न केवल प्रत्येक शिकायत पर ध्यान दिया, बल्कि त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए।
पुलिस का दायित्व सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि न्याय दिलाना भी
एएसपी पाण्डेय ने कहा, “पुलिस प्रशासन का कर्तव्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। हमारी जिम्मेदारी है कि हर पीड़ित को न्याय मिले और उसे कानून का पूरा संरक्षण हासिल हो।” उन्होंने फरियादियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का निस्तारण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने थाना प्रभारियों और विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
किन मुद्दों पर उठी आवाज़?
जनसुनवाई में लोगों ने विभिन्न समस्याएं रखीं, जिनमें शामिल थीं:
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पारिवारिक विवाद व घरेलू हिंसा के मामले
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जमीन विवाद और संपत्ति संबंधी झगड़े
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पुलिस की लापरवाही या देरी से कार्रवाई की शिकायतें
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सामाजिक व आर्थिक उत्पीड़न के मामले
एएसपी पाण्डेय ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने पीड़ितों से कहा, “कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला न समझे, कानून और पुलिस उसके साथ है।”
जनसुनवाई का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य लक्ष्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उन्हें त्वरित न्याय दिलाना है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसी सुनवाइयां नियमित आयोजित की जाएंगी, ताकि लोगों का विश्वास कानून-व्यवस्था में बना रहे।
आगे की कार्रवाई
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सभी शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
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संबंधित थानों व विभागों को कड़े निर्देश
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भविष्य में और अधिक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करना
इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे प्रयासों से पुलिस-जनता के बीच का अंतर कम होगा और न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।








