क्यूं आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे?

  • आरोपियों की ओर से प्रताड़ना की शिकायत, पुलिस क्या करेगी
  • क्या गांव में बढ़ती हुई हिंसा और छेड़खानी का कारण है पुलिस की लापरवाही
  • क्या स्थानीय समाज इस घटना के बाद जागरूक होगा

अम्बेडकरनगर ।जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के तिलक टांडा गांव में एक किशोरी के साथ छेड़खानी और उसके परिजनों के साथ मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है। घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, जबकि आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं।

घटना क्या हुई?

24 अप्रैल की शाम करीब आठ बजे, जब एक किशोरी शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी, तभी गांव के कुछ युवकों— संतोष (रामधनी का पुत्र), सावन (विजई का पुत्र), अमन (पप्पू का पुत्र), अरविंद (हरगुन का पुत्र) और निखिल (ओमप्रकाश का पुत्र) ने उसे घेर लिया और अश्लील हरकतें करने लगे। मुश्किल से वह युवती उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंची और अपनी मां को सारी घटना बताई।

जब पीड़िता की मां ने आरोपियों के परिजनों से शिकायत की, तो उन्होंने न सिर्फ उसकी मां को पीटा, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य परिजनों के साथ भी हाथापाई की।

मामला दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी नहीं

घटना गंभीर होने पर क्षेत्राधिकारी (आलापुर) के हस्तक्षेप के बाद जहांगीरगंज थाने में FIR (संख्या 0107) दर्ज की गई। इसमें छेड़खानी, अभद्रता और मारपीट के मुकदमे शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने पीड़िता का बयान तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

आरोपियों का हौसला बढ़ा, पुलिस पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी गांव में बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे उनका हौसला बढ़ गया है। इसके अलावा, आरोपी पक्ष ने भी पीड़िता के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करा लिया है, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, आरोपियों का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे अक्सर झगड़ों में शामिल रहते हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस क्या कहती है?

जहांगीरगंज थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक की देरी से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग नाराज हैं।

अगले कदम क्या होंगे?

  • पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी
  • मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना
  • गांव में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस की गश्त

स्थानीय नेताओं और महिला संगठनों ने भी इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की है। अब देखना है कि पुलिस कब तक आरोपियों को पकड़ने में कामयाब होती है।

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