
- टीले वाली मस्जिद में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की गई
- आसिफी मस्जिद पर पाकिस्तान का झंडा जलाया गया
- शिया-सुन्नी धर्मगुरुओं ने आतंकवाद के खिलाफ दिया संयुक्त संदेश
लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले, जिसमें 28 निर्दोष लोगों की जान गई, ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है। लखनऊ से लेकर कश्मीर तक विभिन्न समुदायों और संगठनों ने मिलकर इस आतंकी घटना की कड़ी निंदा की है।
लखनऊ में शुक्रवार की जुमे की नमाज के बाद टीले वाली मस्जिद और बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में भारी संख्या में नमाजी पहुंचे। कई लोगों ने काली पट्टियाँ बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। मौलाना फजलूल मन्नान रहमानी और खालिद रशीद फिरंगी महली ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार निर्णायक कार्रवाई करे।
प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारे लगे, और आसिफी मस्जिद के बाहर पाकिस्तान का झंडा भी जलाया गया। शिया धर्मगुरु कल्बे सिब्तेन नूरी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस विरोध में भाग लिया। सपा नेता पूजा शुक्ला ने इस घटना को “पर्यटकों के विश्वास पर हमला” बताया और सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
वहीं चौक इलाके के सर्राफा व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकी हिंसा के खिलाफ अपनी एकजुटता दिखाई। व्यापारियों ने इसे किसी व्यापारिक आंदोलन के बजाय, राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।








