
- पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश, अधिवक्ताओं ने किया जुलूस और पुतला दहन
- आतंकी हमले के विरोध में उबला बनारस, महिलाओं ने की खुली चेतावनी
- ‘इजरायली मॉडल’ की मांग, वकीलों ने कहा – अब कार्रवाई का समय
वकीलों ने निकाला जुलूस, किया पुतला दहन
वाराणसी के अधिवक्ताओं ने डीएम पोर्टिको से जिला मुख्यालय तक जुलूस निकाला। इस दौरान “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के गगनभेदी नारे लगाए गए। जिला मुख्यालय पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और झंडे का पुतला जलाया गया। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष विनीत कुमार सिंह ने कहा, “अब समय आ गया है कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। जिस तरह इजरायल ने गाज़ा में आतंक के खिलाफ सख्त कदम उठाए, वैसे ही भारत को भी कदम बढ़ाना चाहिए।”
हमले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सेंट्रल बार के अधिवक्ता अवनीश त्रिपाठी ने कहा कि पहलगाम हमला एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हमलों की कड़ी में यह घटना एक बड़ा संकेत है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।” प्रदर्शन में कई प्रमुख अधिवक्ता जैसे सुधीर पाल, धर्मवीर यादव, रतनदीप सिंह, राजेंद्र सोनकर, आकाश सिंह, और मनीष सिंह लड्डू मौजूद रहे।
महिलाएं भी उतरीं सड़क पर, ग्राम प्रधान ने किया इनाम का ऐलान
राजातालाब के कचनार गांव की ग्राम प्रधान उर्मिला पटेल ने महिलाओं के साथ जिला मुख्यालय पर पहुंचकर आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने ऐलान किया कि, “जो भी इन आतंकियों को गोली मारेगा, उसे मैं अपनी ओर से पांच लाख रुपए दूंगी, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जमीन या घर ही क्यों न बेचना पड़े।








