उद्घाटन के एक हफ्ते में राष्ट्र प्रेरणा स्थल की चमक फीकी

  • फाउंटेन में काई, पौधे सूख गए और जगह-जगह कचरा पड़ा
  • डस्टबिन न होने से हजारों लोगों का कचरा खुले में फेंका गया
  • स्थल का निर्माण 230 करोड़ रुपए में हुआ, देखरेख LDA की जिम्मेदारी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 दिसंबर 2025 को उद्घाटन किए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल की चमक उद्घाटन के एक हफ्ते में ही फीकी पड़ गई। 1 जनवरी को जब यह स्थल आम जनता के लिए खोला गया, तो परिसर का दृश्य अव्यवस्थित और गंदा नजर आया।

स्थल की वास्तविक स्थिति

स्थल पर फाउंटेन में काई जम चुकी थी, खाली जगहों पर पॉलिथीन और दोने-पत्तल बिखरे हुए थे। पाथवे के किनारों पर लगाए गए सभी पौधे पूरी तरह से सूख गए थे। परिसर में घूमते कुत्ते और डस्टबिन न होने के कारण हजारों लोगों का कचरा खुले में पड़ा रहा।

प्रोजेक्ट और खर्च

65 एकड़ में बने इस स्थल का निर्माण 230 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। उद्घाटन के समय LDA ने साज-सज्जा पर भारी खर्च किया, लेकिन एक हफ्ते बाद रख-रखाव में लापरवाही साफ नजर आई।

जिम्मेदारी और आलोचना

स्थल की देखरेख लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञ और आम जनता ने LDA की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उद्घाटन के समय चमकदार दृश्य के बावजूद अब लोगों और पर्यटकों की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही।

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