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पीड़िता की मां की तहरीर पर 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
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अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार, शेष की तलाश जारी
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पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश में जुटीं
वासीराण। वाराणसी में एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने जनआक्रोश का रूप ले लिया है। इस मामले को लेकर महिला संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय तक ज्ञापन देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और अंततः अधिकारियों ने ज्ञापन लिया।
ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वूमेन एसोसिएशन (एपवा) की महिला कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में छात्रा से दुष्कर्म की घटना को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लिए प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय की ओर बढ़ीं, लेकिन उन्हें बीच रास्ते में ही पुलिस ने रोक दिया।
करीब 10 मिनट तक महिलाएं रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं हुईं, मगर अंततः एसीपी कोतवाली प्रज्ञा पाठक ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया।
महिलाओं ने प्रशासन पर सवाल उठाए कि वे अपने ही क्षेत्र के सांसद से मिलकर अपनी बात क्यों नहीं रख सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग सिर्फ यह है कि पीड़िता को उचित इलाज मिले और सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ उन्होंने यह भी अपील की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वाराणसी के खजुरी इलाके की एक 19 वर्षीय युवती से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, 29 मार्च को युवती अपनी सहेली के घर जा रही थी, तभी रास्ते में राज विश्वकर्मा नामक युवक उसे बहला-फुसलाकर लंका क्षेत्र स्थित अपने कैफे ले गया। वहां युवती के साथ रातभर शारीरिक शोषण किया गया।
पीड़िता 4 अप्रैल को जब घर लौटी, तब परिजनों को घटना की जानकारी मिली। इस पर पीड़िता की मां ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने 12 नामजद और 11 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पुलिस अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि गिरफ्तारी अभियान जारी है और तीन टीमों को तैनात किया गया है।






