
बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में 500 रुपए की शर्त ने एक युवक की जान पर बना दी। 22 वर्षीय जुनैद ने दोस्तों के सामने उफनती यमुना नदी में पुल से छलांग लगा दी और तेज बहाव में बह गया। बुधवार दोपहर हुई इस घटना के बाद गोताखोरों और NDRF की टीम ने 3 किमी तक तलाश की, लेकिन देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला।
कैसे हुई घटना?
निवाड़ा गांव निवासी जुनैद (22) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे तीन दोस्तों के साथ यमुना पुल पर गया था। दोस्तों के साथ नदी के उफान को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान मजाक में शर्त लग गई कि कौन नदी को पार कर सकता है। जुनैद ने 500 रुपए में यमुना पार करने की चुनौती स्वीकार कर ली।
दोस्तों को लगा कि यह मजाक है, लेकिन अचानक उसने छलांग लगा दी। शुरुआती 50 मीटर तक वह तैरता रहा, लेकिन तेज धारा के कारण उसकी सांसें टूटने लगीं और वह लहरों में गायब हो गया।
दोस्तों की चीख-पुकार, मौके पर रेस्क्यू शुरू
जुनैद को बहता देख दोस्तों ने शोर मचाया। आसपास मौजूद गोताखोर मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर मौजूद NDRF टीम भी बोट लेकर नदी में उतरी। करीब 3 किमी तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन युवक का पता नहीं चला।
खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना
पिछले कई दिनों से हो रही बारिश और हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी और नदी में न जाने की अपील की थी। इसके बावजूद जुनैद ने 500 रुपए की शर्त जीतने के लिए जान जोखिम में डाल दी।
अच्छा तैराक भी हार गया तेज बहाव के आगे
स्थानीय लोगों ने बताया कि निवाड़ा मोहल्ला नदी के बिल्कुल किनारे है। वहां के युवा तैराकी जानते हैं। जुनैद भी अच्छा तैराक था और सामान्य दिनों में कई बार यमुना पार कर चुका था। लेकिन इस बार तेज धारा के आगे उसकी जान नहीं बच सकी।
खलासी था जुनैद, रात को लौटा था घर
परिजनों के मुताबिक, जुनैद अपने बड़े भाई के साथ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट में काम करता था। भाई ड्राइवर है और जुनैद खलासी का काम करता था। मंगलवार रात ही वह दूसरे शहर से लौटा था।









