
बिजनौर में बुधवार दोपहर करीब 4 बजे एक गंभीर विवाद की घटना सामने आई, जब भाजपा के पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह और उनके साथ आए अधिकारियों की गाड़ी के आगे एक व्यापारी लेट गया। यह मामला चांदपुर रोड स्थित तालिब बंधु कारोबारी के आरा मशीन में छापेमारी के दौरान शुरू हुई कहासुनी से जुड़ा है।
घटना की शुरुआत
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह अधिकारियों के साथ एक लकड़ी फैक्ट्री में छापेमारी करने पहुंचे थे। यह आरा मशीन कुछ महीने पहले सील की गई थी, लेकिन बाद में बहाल कर दी गई थी। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री मालिक ने सांसद पर 5 करोड़ रुपए की अवैध वसूली और उत्पीड़न का आरोप लगाया।
बात-बात में बढ़ती नोकझोंक के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जब पूर्व सांसद और उनके साथ आए अधिकारी गाड़ी में बैठकर लौटने लगे, तो व्यापारी गाड़ी के ठीक सामने जमीन पर लेट गए।
पुलिस और प्रशासन की कोशिशें
व्यापारी को हटाने के लिए पुलिस ने कई बार कोशिश की, लेकिन व्यापारी ने गाड़ी के बंपर में सिर फंसा लिया, और ड्राइवर ने गाड़ी पीछे करते हुए उनका शरीर कुछ मीटर तक घिसटता हुआ चला गया। पुलिस ने पैर पकड़कर व्यापारी को गाड़ी के नीचे से बाहर निकाला। इस दौरान व्यापारी बार-बार कहता रहा, “हमको गोली मार दो।”
घटना स्थल पर SDM और वन विभाग की टीम भी मौजूद थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को व्यापारी को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में लगभग 30 मिनट तक हंगामा चलता रहा।
घटना का सामाजिक और कानूनी पहलू
इस घटना से यह साफ हुआ कि छापेमारी और वसूली के आरोपों को लेकर व्यापारी और पूर्व सांसद के बीच विवाद काफी बढ़ गया। वीडियो फुटेज में भी देखा जा सकता है कि व्यापारी गाड़ी के बंपर में फंसने के बावजूद विरोध जारी रखते हैं।
फैक्ट्री मालिक का आरोप है कि सांसद और उनके अधिकारियों ने फैक्ट्री में अवैध वसूली और उत्पीड़न किया। वहीं प्रशासन का कहना है कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की पूरी कोशिश की।









