अंबेडकरनगर। जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबरों पर संपर्क करना लोगों के लिए मुश्किल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कई बार कॉल करने पर नंबर नेटवर्क से बाहर बताता है या अधिकारी के बजाय उनके सहयोगी कर्मचारी फोन उठाते हैं। जिले के कई अन्य अधिकारियों के साथ भी ऐसी स्थिति होने की शिकायतें हैं। ऐसे में जरूरत के समय संबंधित अधिकारी तक अपनी बात पहुंचाना चुनौती बन सकता है।
एसडीएम के सरकारी नंबर पर नहीं हुआ संपर्क
शनिवार को उपजिलाधिकारी आलापुर विकास यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया। सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर उनके सीयूजी नंबर पर कॉल करने पर फोन नॉट रीचेबल बताया गया। इसके बाद उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, जिसे अर्दली ने उठाया। इस दौरान अधिकारी से सीधे बात नहीं हो सकी।
यह एक दिन का दर्ज मामला है। जिले के अन्य अधिकारियों के नंबरों पर भी संपर्क नहीं हो पाने या फोन किसी कर्मचारी द्वारा उठाए जाने की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में जरूरी संपर्क
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े विवाद, कब्जे की शिकायत और कानून-व्यवस्था के मामलों में लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है। सीयूजी नंबरों का उद्देश्य भी सरकारी कामकाज और जरूरी सूचनाओं के लिए संपर्क उपलब्ध कराना है। ऐसे में फोन पर संपर्क नहीं हो पाने से शिकायत या सूचना पहुंचाने में देरी हो सकती है।
अधिकारी की अनुपस्थिति में अर्दली, चालक या स्टेनो का फोन उठाना अपने आप में अनियमितता नहीं है। जरूरी यह है कि शिकायत या सूचना संबंधित अधिकारी तक पहुंचे और संपर्क नहीं हो पाने पर वापस कॉल की व्यवस्था हो।









