
अम्बेडकर नगर। भीटी विकासखंड क्षेत्र के पिंगिरियावां बाईपास निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल गई है। यह परियोजना त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत मंजूर की गई है, जिस पर कुल 42.72 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बाईपास बनने के बाद क्षेत्र के कई गांवों में आवागमन व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।
घनी आबादी और जाम की समस्या से राहत का लक्ष्य
पिंगिरियावां गांव में पहले से प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनी हुई है, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही में लगातार दिक्कत बनी रहती है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी समस्या को देखते हुए गांव के बाहर बाईपास बनाने का निर्णय लिया गया है।
बाईपास के निर्माण से भारी वाहनों को गांव के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे मुख्य बस्ती में यातायात का दबाव कम होगा।
एक दर्जन ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित बाईपास से पिंगिरियावां के साथ बेला, महमूदपुर, रामपुर गिरंट, सुल्तानपुर और बाघाभारी सहित लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतों के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। अनुमान के अनुसार करीब 15 हजार की आबादी इस मार्ग से जुड़कर बेहतर आवागमन सुविधा प्राप्त करेगी।
ग्रामीणों को अब गांव के भीतर की संकरी सड़कों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और यातायात में सुगमता आने की संभावना है।
कृषि परिवहन में भी होगी आसानी
यह मार्ग गन्ना किसानों के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है। वर्तमान में फसल ढुलाई के दौरान संकरी सड़कों के कारण किसानों को कई बार कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बाईपास बनने के बाद कृषि उपज और भारी वाहनों का परिवहन अधिक सरल हो सकेगा।









