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विवेक मौर्य ने पांच परिवारों को दी नई उम्मीद, समाज में बढ़ाया विश्वास
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अम्बेडकरनगर में विवेक मौर्य ने चोरों द्वारा लूटी गई संपत्ति के बदले दिया आर्थिक सहारा
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पीड़ित परिवारों के लिए समाजसेवी विवेक मौर्य बने सहारा, समाज में संवेदना का ज्वार
अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर की धरती पर मानवता, संवेदना और सेवा का अद्वितीय संगम उस वक्त देखने को मिला जब नारायण फ़ाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य ने पांच परिवारों की जिंदगी में एक बार फिर उम्मीद की किरण जलाई। विवेक मौर्य ने पीड़ित परिवारों को न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके लिए एक सशक्त सहारा भी बने, जो समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया।
बीते दिनों की त्रासदी: चोरी और आग की घटनाएँ
अम्बेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र के अहलादा गाँव में हुई चोरी ने एक परिवार के सपनों को चुराया था। जोखूराम प्रजापति अपनी बेटी की शादी के लिए वर्षों से पैसे जोड़ रहे थे, लेकिन चोरों ने सब कुछ लूट लिया। जब ये परिवार टूटकर बिखर गया था, तो विवेक मौर्य ने उनकी मदद के लिए कदम बढ़ाया और ₹1,25,000 की आर्थिक मदद दी। इसके अलावा, उन्होंने शादी का पूरा खर्च उठाने का वादा किया और 1 मई को बेटी की शादी में खुद उपस्थित होने का आश्वासन दिया।
आत्मीय समर्थन और समाज में विश्वास का संचार
प्रजापति समाज के वरिष्ठ नेता पवन प्रजापति ने विवेक मौर्य के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “विवेक मौर्य न केवल आर्थिक मदद लेकर आए, बल्कि वह उस बेटी के लिए एक संरक्षक और सहारा बने हैं। उनके इस कदम से पूरे समाज में विश्वास और आत्मबल का संचार हुआ है।”
आग से जले परिवारों को भी मिली मदद
इसी तरह, कुढ़ा मोहम्मदगढ़ ग्राम सभा की निषाद बस्ती में लगी भीषण आग ने चार परिवारों को बेघर कर दिया था। जलते हुए घरों और रोते हुए बच्चों के बीच विवेक मौर्य का आगमन एक देवदूत की तरह था। उन्होंने न केवल आर्थिक मदद दी, बल्कि घरों के लिए बर्तन, कपड़े, राशन और आवश्यक वस्त्र भी उपलब्ध कराए। इस दौरान भा.ज.पा मंडल अध्यक्ष अरविंद सिंह ‘डिम्पू’ और नारायण फ़ाउंडेशन के कई पदाधिकारी भी उनके साथ थे।
समाज के लिए प्रेरणा: विवेक मौर्य का कृत्य
विवेक मौर्य का यह कदम यह सिद्ध करता है कि वह केवल एक समाजसेवी नहीं, बल्कि समाज में जागृत करुणा के प्रतीक हैं। उनकी मदद ने यह दिखाया कि समाज की सच्ची रीढ़ वे लोग होते हैं जो दूसरों के दुःख को अपना मानते हैं और बिना किसी स्वार्थ के सहायता प्रदान करते हैं। नारायण फ़ाउंडेशन और विवेक मौर्य का कार्य अब केवल एक समाचार नहीं, बल्कि हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।








