- 1998 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर शुरू किया था करियर
- 2008 के मार्केट क्रैश में पोर्टफोलियो 70% गिरा, फिर भी निवेश की सीख बदली
- कोविड में ₹90 लाख से घटकर ₹65 लाख हुआ पोर्टफोलियो, लेकिन इस बार SIP नहीं रोकी
नई दिल्ली। करोड़ों की संपत्ति बनाने के लिए हमेशा बड़ी सैलरी या विरासत में मिली संपत्ति जरूरी नहीं होती। अहमदाबाद के 51 वर्षीय ग्रिजेश अगल की निवेश यात्रा इसका उदाहरण है। उन्होंने 1998 में उदयपुर से महज 2,500 रुपए महीने की सैलरी पर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी।
आज उनके पास म्यूचुअल फंड, शेयर, रियल एस्टेट और गोल्ड को मिलाकर 6 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है।
2008 के क्रैश ने बदली निवेश की सोच
ग्रिजेश की निवेश यात्रा में उतार-चढ़ाव भी आया। 2008 के मार्केट क्रैश के दौरान उनका पोर्टफोलियो करीब 70 फीसदी तक गिर गया था। इस गिरावट के बाद उन्होंने अपनी SIP रोक दी थी।
हालांकि, इस अनुभव ने उन्हें बाजार में गिरावट के दौरान निवेश को लेकर एक बड़ी सीख दी।
कोविड में फिर आया बड़ा झटका
2020 में कोविड के दौरान बाजार में भारी गिरावट आई। इस दौरान उनका पोर्टफोलियो करीब 90 लाख रुपए से घटकर 65 लाख रुपए रह गया।
लेकिन इस बार उन्होंने घबराकर निवेश बंद नहीं किया। उन्होंने बाजार में बने रहने का फैसला किया और अपना निवेश जारी रखा।
₹7,000 की SIP बढ़कर ₹57,000 हुई
दो बड़ी बाजार गिरावटों के बीच ग्रिजेश के निवेश व्यवहार में बड़ा बदलाव आया। शुरुआत में उनकी SIP 7,000 रुपए प्रति महीने थी, जो धीरे-धीरे बढ़कर 57,000 रुपए प्रति महीने हो गई।
नियमित निवेश और बाजार में लंबे समय तक बने रहने की रणनीति के साथ उनका निवेश पोर्टफोलियो भी बढ़ता गया।









