तेहरान में 60 ईरानी अफसरों का जनाजा

  • इजराइल से युद्ध में मारे गए 60 ईरानी अफसरों का अंतिम संस्कार शनिवार को
  • सैन्य प्रमुख मोहम्मद बाघेरी भी मृतकों में शामिल
  • ट्रम्प बोले: “खामेनेई को मारने से रोका, शुक्रिया की उम्मीद नहीं”

तेहरान। ईरान और इजराइल के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद शनिवार को 60 ईरानी अफसरों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इनमें 30 शीर्ष सैन्य कमांडर और 11 परमाणु वैज्ञानिक शामिल हैं। राजधानी तेहरान में इन अफसरों के जनाजे में हजारों लोग शामिल हो रहे हैं।

जिन शवों को दफनाया जा रहा है, उनमें ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी भी हैं, जो इस युद्ध में मारे गए सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे। उनके ताबूत ईरानी झंडे में लिपटे हुए हैं और उनके साथ उनकी तस्वीरें भी रखी गई हैं।

जनाजे में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ, न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई और कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी समेत कई शीर्ष नेता शामिल हुए।

ट्रम्प का दावा: खामेनेई की जान बचाई, शुक्रिया की उम्मीद नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को “भयानक मौत” से बचाया। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,

“मैंने खामेनेई के ठिकाने की जानकारी होने के बावजूद अमेरिकी और इजराइली सेना को उनकी हत्या से रोक दिया। मुझे उनसे शुक्रिया की उम्मीद नहीं है।”

उन्होंने कहा कि ईरान “ग्लोबल सिस्टम से जुड़ने की बजाय दुश्मनी और कट्टरता दिखा रहा है, जिससे उसका भविष्य अंधकारमय हो गया है।”

इजराइली रक्षा मंत्री बोले – खामेनेई को मारना चाहते थे

इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चैनल 13 को दिए इंटरव्यू में कहा कि “अगर खामेनेई हमारे रडार में आते, तो हम उन्हें मार गिराते। हमें इसके लिए किसी की इजाजत नहीं चाहिए।”

ईरानी राष्ट्रपति ने इजराइल पर किया पलटवार

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इजराइल के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। बेलारूस के मिन्स्क में चल रहे यूरेशियन आर्थिक मंच में ऑनलाइन जुड़कर उन्होंने कहा,

“अगर हम जवाब नहीं देते, तो क्षेत्र में बड़ा युद्ध भड़क सकता था। हमारा जवाब संयम और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत था।”

उन्होंने कहा कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमला किया, जबकि ये IAEA की निगरानी में हैं।

UNSC से कार्रवाई की मांग

पजशकियान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और IAEA से मांग की कि वे इजराइल के खिलाफ सख्त रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि “मानवाधिकारों के उल्लंघन और परमाणु हमलों पर नरमी दिखाना अब बंद होना चाहिए।”

साथ ही उन्होंने उन देशों का आभार जताया जिन्होंने ईरान पर हमले की निंदा की और ईरान-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी बताया।

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