- क्यों जरूरी है मानसून से पहले नालों की सफाई
- निरीक्षण में क्या-क्या खामियां उजागर हुईं
- किस मोहल्ले में सफाई कार्य सबसे ज्यादा पिछड़ा
अम्बेडकरनगर। मानसून से पहले नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई को लेकर जोरदार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक निदेशक नगरीय अजय कुमार त्रिपाठी और अधिशासी अधिकारी बीना सिंह ने बुधवार को शहर के विभिन्न मोहल्लों में सफाई कार्य का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों की अधूरी सफाई और सिल्ट जमा होने की शिकायत मिली। इस पर दोनों अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित सफाई नायकों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समय पर और गुणवत्तापूर्ण सफाई नहीं हुई तो दोषी कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी
इन मोहल्लों में हुआ निरीक्षण, मिले निर्देश
पंडा टोला, पाठक कालोनी, विजयगांव, दहीरपुर, दोस्तपुर रोड और लोरताजन मोहल्लों में चल रहे सफाई कार्यों का जायजा लेते हुए सहायक निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नालों की सफाई के साथ-साथ जमा सिल्ट को भी पूरी तरह हटाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सफाई कार्य में लापरवाही पर हड़कंप
निरीक्षण के दौरान पालिका कार्यालय में कागजी कार्यवाही और रिकॉर्ड की स्थिति भी जांची गई, जहां सुधार के निर्देश दिए गए। इस अचानक निरीक्षण से पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिशासी अधिकारी बीना सिंह ने सफाई कर्मियों को निर्देश दिए कि वे व्यक्तिगत सुरक्षा किट के साथ ही कार्य करें ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
237 छोटी, 36 मंझोली और 6 बड़ी नालियों की हो रही सफाई
नगर पालिका परिषद की ओर से शहरभर की कुल 237 छोटी, 36 मंझोली और 6 बड़ी नालियों की सफाई कराई जा रही है।








