
- फडणवीस और राज ठाकरे की होटल में हुई अचानक मुलाकात
- मीटिंग सीएम के शेड्यूल में नहीं थी, राजनीतिक अटकलें तेज
- शिवसेना-मनसे गठबंधन पर फिलहाल विराम लगने की संभावना
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई हलचल तब मची जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से अचानक मुलाकात की। यह मीटिंग मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में करीब डेढ़ घंटे तक चली। खास बात यह रही कि यह मुलाकात सीएम के आधिकारिक शेड्यूल में शामिल नहीं थी, जिससे सियासी गलियारों में कई अटकलें तेज हो गई हैं।
शिवसेना-मनसे गठबंधन पर लग सकता है ब्रेक
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ गठबंधन के संकेत दिए थे। उन्होंने 6 जून को कहा था कि “महाराष्ट्र की जनता जो चाहेगी, वही होगा।”
अब सीएम फडणवीस की इस अनौपचारिक मुलाकात से शिवसेना-मनसे संभावित गठबंधन पर विराम लगने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने सफाई दी कि यह मुलाकात राजनीतिक नहीं थी। उन्होंने कहा, “देवेंद्र जी के हर व्यक्ति से अच्छे रिश्ते हैं।”
मनसे और शिवसेना को क्यों चाहिए गठबंधन?
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2024 के लोकसभा चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) को सिर्फ 20 सीटें मिली थीं।
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वहीं मनसे का खाता तक नहीं खुला।
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इस साल सितंबर तक राज्य में निकाय चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में दोनों दल गठबंधन के विकल्प तलाश रहे हैं।
कैसे हुई राज और उद्धव ठाकरे के बीच दूरी?
1989:
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राज ठाकरे 21 साल की उम्र में शिवसेना की स्टूडेंट विंग के अध्यक्ष बने।
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1995 तक उन्होंने महाराष्ट्र भर में युवाओं को जोड़ा और पार्टी का मजबूत जमीनी नेटवर्क खड़ा किया।
2003:
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बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना अधिवेशन में उद्धव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की।
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राज ने विरोध जताया और पूछा, “मेरा और मेरे लोगों का क्या होगा?”
2005:
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उद्धव पार्टी के फैसलों में हावी होने लगे।
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27 नवंबर 2005 को राज ठाकरे ने शिवसेना से इस्तीफा दे दिया।
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उन्होंने कहा, “मेरा झगड़ा विट्ठल (भगवान) से नहीं, बल्कि उनके आसपास के पुजारियों से है।”
9 मार्च 2006:
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शिवाजी पार्क में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की स्थापना की।
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उन्होंने इसे “मराठी मानुस की पार्टी” बताया और दावा किया कि मनसे ही महाराष्ट्र पर राज करेगी।
क्या फिर करीब आ रही हैं ठाकरे बंधुओं की राहें?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच फिर से गठबंधन की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन सीएम फडणवीस और राज की मुलाकात ने जरूर एक नया मोड़ ला दिया है।









