योगी ने बाबा विश्वनाथ का अभिषेक…कालभैरव की आरती उतारी

  • योगी ने 2.30 घंटे चली समीक्षा बैठक में प्रोजेक्ट्स पर की चर्चा
  • मोहनसराय–कैंट सिक्स लेन सहित कई साइट्स का निरीक्षण
  • काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को वाराणसी दौरे पर रहे। शाम को स्टेट प्लेन से पहुंचे योगी ने बाबा काल भैरव की आरती की और काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। इससे पहले सर्किट हाउस में करीब 2.30 घंटे तक बैठक कर काशी में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

दरअसल, 24 जून को वाराणसी में सेंट्रल जोनल काउंसिल की बैठक होने जा रही है, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार होगा।

पुलिस लाइन की गंदगी देख नाराज हुए योगी

सीएम योगी शाम को स्टेट प्लेन से वाराणसी पहुंचे। उनका हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में लैंड हुआ। यहां गंदगी देखकर मुख्यमंत्री नाराज हो गए। इसके बाद उनका काफिला सीधे सर्किट हाउस रवाना हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

सड़क और ओवरब्रिज प्रोजेक्ट्स का ग्राउंड निरीक्षण

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे ग्राउंड पर पहुंचे और वाराणसी में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मोहनसराय से कैंट तक बन रहे सिक्स लेन ओवरब्रिज, मिल्की चल रेलवे ओवरब्रिज और चांदपुर से रिंग रोड तक बन रहे फोरलेन मार्ग का जायजा लिया। संगीत पथ और सेंट्रल जेल रोड के कार्यों को भी देखा। परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 4222.20 लाख रुपये बताई गई है।

सीएम योगी ने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि, “सभी कार्य तय समय में यानी दो महीने के भीतर पूरे हो जाने चाहिए।”

बाबा दरबार में पूजा-अर्चना

दौरे के दौरान सीएम योगी ने काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर में विधिवत आरती की। फिर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर पूजन किया। इसके बाद उन्होंने बाबा से आशीर्वाद लिया। दर्शन पूजन के बाद योगी रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस पहुंचे।

मंगलवार को लखनऊ रवाना होंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह सरकारी विमान से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। माना जा रहा है कि सेंट्रल जोनल काउंसिल की बैठक से पहले वह वाराणसी के तमाम प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देंगे।

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