
- छत की ढलाई के दौरान दूसरी मंजिल की कॉलम दरकी
- एक मजदूर मलबे में दबा, 2.5 घंटे बाद सकुशल निकाला गया
- निर्माण कार्य में भारी लापरवाही, बिना पिलर के बन रही थी इमारत
कानपुर। बर्रा थाना क्षेत्र के कर्रही इलाके में सोमवार रात एक निर्माणाधीन स्कूल की छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसा उस वक्त हुआ जब तीसरी मंजिल की ढलाई का काम चल रहा था। अचानक दूसरी मंजिल की पुरानी छत ढह गई, जिससे तीसरी मंजिल की शटरिंग और कॉलम भी बैठ गए। हादसे में एक मजदूर मलबे में दब गया, जबकि दूसरा बाल-बाल बच गया।
13 मजदूर कर रहे थे काम, दो थे छत पर
जानकारी के मुताबिक, कर्रही निवासी मनोज पाल बीएल स्मारक इंटर कॉलेज संचालित करते हैं। स्कूल के ऊपर निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार को तीसरी मंजिल की छत ढलवाई जा रही थी। खाड़ेपुर निवासी ठेकेदार अवनीश की देखरेख में 13 मजदूर काम पर थे। रात करीब 8 बजे दो मजदूर – श्रवण कुमार और धीरू – ढलाई को अंतिम रूप दे रहे थे। इसी दौरान दूसरे तल की दो कॉलम अचानक दरक गईं और पूरी छत ध्वस्त हो गई।
शटरिंग ढहते ही फंसा मजदूर
जैसे ही छत गिरी, मजदूर श्रवण और धीरू नीचे भागे। मगर इस दौरान जीने की शटरिंग भी गिर गई और श्रवण उसमें फंस गया। उसके दोनों पैर दब गए। वहीं धीरू किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई।
बड़े कटर और ड्रिल मशीन से चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना पर बर्रा थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किदवई नगर और फजलगंज से दमकल की टीमें भी मौके पर बुला ली गईं। टीमों ने बड़े कटर और ड्रिल मशीन की मदद से मलबे में फंसे पिलर और सरिया काटे। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मजदूर श्रवण को मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया गया और अस्पताल भेजा गया।
बिना पिलर के बन रही थी इमारत, सरिया भी कमजोर
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी राजेश कुमार और मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि निर्माणाधीन इमारत में पिलर का सहारा नहीं दिया गया था और छत की ढलाई में बेहद पतले सरिये का इस्तेमाल किया गया था।
एडीएम सिटी राजेश कुमार ने बताया कि, “फिलहाल किसी की मौत नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। अगर मानकों की अनदेखी पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”








