नैनो तकनीक से खेती में क्रांति लाने की तैयारी

अंबेडकरनगर। गुरुवार को ब्लॉक जलालपुर में सहकारी विभाग और इफको के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इफको और इफको एम-सी के विशेषज्ञों ने आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उत्पादों के प्रयोग पर जोर दिया। शिविर में जिले भर से आए लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

किसानों की लागत घटाएंगे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी

कार्यक्रम में इफको लखनऊ से उप महा प्रबंधक डॉ. आर. के. नायक ने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, सागरिका और इफको के अन्य उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारंपरिक दानेदार यूरिया के अत्यधिक उपयोग से न केवल मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि जल, मृदा और वायुमंडल भी प्रदूषित हो रहा है। ऐसे में नैनो तकनीक आधारित उर्वरक किसानों के लिए एक सुरक्षित, सस्ता और प्रभावी विकल्प है, जिससे उत्पादन में वृद्धि संभव है।

कीट नियंत्रण और खरपतवार से मुक्ति पर चर्चा

इफको एम-सी से आए श्री उपेंद्र वर्मा ने फसलों में लगने वाले कीटों और खरपतवारों की रोकथाम के लिए प्रभावी कीटनाशकों और खरपतवार नाशकों की वैज्ञानिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के सही उपयोग से फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार लाया जा सकता है।

सहकारिता विभाग ने की जागरूकता की अपील

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता श्री राघवेंद्र शुक्ला ने संबोधित करते हुए सभी सहकारी समितियों के प्रभारीयों से अपील की कि वे किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और इफको के अन्य नवाचार उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह समय वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ने का है, जिससे किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

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