क्रॉप सर्वे में जोखिम, पंचायत सहायकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

  • क्रॉप सर्वे में लगी पंचायत सहायकों ने DM को सौंपा ज्ञापन
  • खेतों में जहरीले जीवों के खतरे से सुरक्षा की मांग
  • गमबूट और पावर बैंक की सुविधा की जरूरत

अम्बेडकरनगर। जिले में क्रॉप सर्वे कार्य में लगे ग्राम पंचायत सहायकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने सर्वे कार्य के दौरान सामने आ रही कठिनाइयों को लेकर अपनी सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ी कई मांगें उठाईं।

खेत-खेत घूमकर करना पड़ता है सर्वे, खतरा हर कदम पर
सहायकों ने बताया कि क्रॉप सर्वे के लिए उन्हें प्रतिदिन गांवों के खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण करना होता है। अधिकांश खेतों में पानी भरा रहता है, जिससे वहां सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खेतों में उतरना उनके लिए जान जोखिम में डालने जैसा है।

पानी में पहनने वाले जूते और पावर बैंक की मांग
सहायकों ने कहा कि लंबे समय तक पानी में खड़े होकर काम करने से बीमारी का खतरा बढ़ता है। उन्होंने जलरोधी जूते (गमबूट) और पावर बैंक की मांग करते हुए कहा कि मोबाइल से ही सर्वे कार्य होता है, और बिजली की कमी वाले इलाकों में पावर बैंक के बिना कार्य बाधित होता है।

दूरी घटाकर बढ़ाई गई मुश्किलें, पुराने नियम लागू हों
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस बार सर्वे के लिए 20 मीटर की दूरी तय की गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 150 मीटर थी। सहायकों ने कहा कि कम दूरी पर सर्वे करना समयसाध्य, कठिन और जोखिम भरा है। उन्होंने पिछली दूरी नीति को फिर से लागू करने की मांग की।

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