खाद्य सुरक्षा की गंभीर समस्या: 18 माह में 433 नमूने फेल

  • पिछले 18 महीनों में 912 खाद्य नमूनों में से 433 फेल
  • 26 खाद्य पदार्थ सीधे असुरक्षित, उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा
  • दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों में सबसे अधिक मिलावट

अंबेडकरनगर। जिले के बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बड़ी चिंताजनक खबर सामने आई है। पिछले 18 महीनों में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए कुल 912 नमूनों में से 433 नमूने फेल पाए गए हैं। इनमें 26 खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर असुरक्षित साबित हुए हैं, जो उपभोक्ताओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं।

जिले में व्यापक निरीक्षण और छापेमारी के बावजूद गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मार्च 2024 से सितंबर 2025 तक जिले में कुल 3,806 निरीक्षण और 832 छापेमारी की। इन कार्रवाइयों के दौरान 912 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिनकी जांच में 745 नमूने फेल हुए। विभाग की रिपोर्ट में

388 नमूने अधोमानक,

26 असुरक्षित,

18 मिथ्याछाप और

1 नियम उल्लंघनकर्ता पाया गया।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले के खाद्य व्यवसायियों द्वारा लगातार उपभोक्ताओं को भड़काने वाली खाद्य सामग्री बेची जा रही है।

दूध, खोया और मिठाइयों में मिलावट की सबसे अधिक शिकायत

दूध और उससे बने उत्पादों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाई गई है। कुल 103 नमूने दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों के फेल पाए गए। इन खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली रंग, और गुणवत्ता की कमी मुख्य कारण हैं। खासकर मिठाइयों में जो असली दूध से बने होते हैं, उनमें रंगों की अधिकता और मिलावट ने गुणवत्ता को बहुत प्रभावित किया है।

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