- भारत पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू
- 60 देशों पर अमेरिका की कार्रवाई
- टेक्सटाइल और ज्वेलरी सेक्टर प्रभावित
- भारत को 12.5% की जगह 10% टैरिफ
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार से प्रभावी हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से बने उत्पादों के आयात को लेकर 60 देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है।
17 देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ
अमेरिका ने 60 देशों को दो श्रेणियों में बांटा है। भारत उन 17 देशों में शामिल है, जिन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। जबकि बाकी 43 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया गया है। यह कार्रवाई ट्रेड एक्ट-1974 की धारा 301 के तहत की गई है।
इन सेक्टरों पर पड़ सकता है असर
भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार अमेरिका है। ऐसे में टेक्सटाइल, गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर, कृषि एवं फूड प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, केमिकल्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है। अतिरिक्त टैरिफ से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे, जिससे निर्यातकों पर कीमत घटाने का दबाव बढ़ सकता है।
भारत को क्यों मिली राहत
शुरुआत में भारत पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था। हालांकि भारत सरकार की ओर से श्रम मानकों, सप्लाई चेन की निगरानी और विदेशी व्यापार नीति में किए गए सुधारों के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित टैरिफ को घटाकर 10% कर दिया।









