ऊटंगन नदी में डूबे 13 युवकों में से 3 की लाश मिली

  • दुर्गा विसर्जन के दिन 13 युवक नदी में डूबे
  • 3 शव मंगलवार को बरामद, 1 युवक अभी भी लापता
  • गांव में मातम, पड़ोसी गांवों से पहुंचा भोजन

आगरा। खेरागढ़ में 2 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ऊटंगन नदी में 13 लोग डूब गए थे। मंगलवार को तीन और लाशें बरामद हुईं, जबकि एक युवक अब भी नदी में लापता है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम उसकी तलाश में लगी हुई है।

नदी में राहत और बचाव कार्य

नदी में 250 मीटर के क्षेत्र में पानी का बहाव रोकने के लिए लोगों ने 40 मीटर लंबा अस्थायी बांध बनाया। डूबे युवकों को निकालने के लिए पोकलेन और JCB से खुदाई जारी है। नदी की धारा को डूब क्षेत्र के बीच से नाला बनाकर दूसरी ओर मोड़ा गया है।

गांव में मातम का माहौल

डूबे सभी युवक कुसियापुर गांव के रहने वाले थे। 2,500 आबादी वाले इस गांव में 6 दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है, बच्चों का शोर नहीं सुनाई दे रहा। पुरुष नदी किनारे डेरा डाले हुए हैं, जबकि महिलाएं घरों में मातम मनाती दिखाई दे रही हैं। पड़ोसी गांवों से लोग रिक्शे में खाना पहुंचा रहे हैं ताकि परिवार भूखे न रहें।

दर्दनाक दृश्य

गजेंद्र का घर गांव के बीचोंबीच है। उनकी मां विमलेश लगातार रोती रही और हर किसी से यही कहती रहीं — “मेरे लाल को वापस ला दो। मुझे उसे दिखाओ।”
सचिन और दीपक के परिवार भी गहरे सदमे में हैं। सचिन का शव मंगलवार को निकाला गया।

बरामद शव और बचाव कार्य

अब तक नदी से बरामद शवों में गगन, ओमपाल, मनोज, भगवती, अभिषेक, करन, विनेश, ओकेश, सचिन, गजेंद्र और दीपक शामिल हैं।
एक युवक हरीश अभी भी लापता है।

कंप्रेशर से हो रही तलाश

लापता युवक को खोजने के लिए कंप्रेशर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक में हवा के दबाव से नदी के भीतर फंसे पंप और मिट्टी हटाई जाती है। ऊटंगन नदी के उस हिस्से में खनन के कारण 25 से 30 फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसमें दलदल के कारण लोग फंस गए थे।

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