
अंबेडकरनगर। शासन की मंशा और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशन में मिशन शक्ति फेस 5.0 के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में शुक्रवार को नारी सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों का उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना रहा।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रमों की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात महिला सशक्तिकरण पर आधारित व्याख्यान, संवाद सत्र और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हुए।
डॉ. तारा वर्मा ने छात्राओं को बताया आत्मबल का महत्व
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, टांडा की प्रधानाचार्या डॉ. तारा वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा— “नारी सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकारों की प्राप्ति नहीं, बल्कि अपनी पहचान और आत्मबल के साथ समाज में आगे बढ़ना है। महिलाएं जब निर्णय लेने में स्वतंत्र होती हैं, तब परिवार, समाज और राष्ट्र सब सशक्त होते हैं।”
उन्होंने मिशन शक्ति के अंतर्गत उपलब्ध महिला हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी छात्राओं को दी,
“नारी सशक्तिकरण समाज के विकास की कुंजी” – राम तीरथ यादव
विवेकानंद इंटर कॉलेज, विद्युत नगर के प्रधानाचार्य राम तीरथ यादव ने कहा— “नारी सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि यह समाज के समग्र विकास की अनिवार्य शर्त है। जब बेटियाँ सशक्त होती हैं, तभी राष्ट्र प्रगति करता है।”
उषा रानी व ज्योति श्रीवास्तव ने लिया कन्या भारती संकल्प
विद्यालय की कन्या भारती प्रमुख आचार्या श्रीमती उषा रानी और श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए बालिकाओं को समाज में अपनी भूमिका को लेकर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।









