लखनऊ में दलित बुजुर्ग से मंदिर में पेशाब चटवाने का मामला

  • बीजेपी नेता कौशल किशोर ने कहा– घटना दुर्भाग्यपूर्ण
  • सपा सांसद आरके चौधरी बोले– न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी
  • योगी सरकार के आदेश पर आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय दलित बुजुर्ग रामपाल के साथ मंदिर परिसर में अमानवीय व्यवहार के मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। दलित बुजुर्ग को जबरन पेशाब चटवाने की घटना पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने इसे दलित विरोधी मानसिकता बताया, तो किसी ने मानवता पर कलंक करार दिया।

चंद्रशेखर बोले- यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि मानसिकता का नंगा प्रदर्शन
आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि दलित विरोधी मानसिकता का नंगा प्रदर्शन है। उन्होंने कहा, “यह घटना न केवल मानवता के लिए कलंक है, बल्कि संविधान की आत्मा पर भी गहरा प्रहार है।”

संजय सिंह ने X पर साधा निशाना, कहा- BJP राज में दलित होना अपराध
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीड़ित का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “जाति पूछी- धर्म नहीं। BJP राज में दलित होना अपराध है। पासी समाज के इस बुजुर्ग से मंदिर में पेशाब चटवाई गई। इंसान के साथ जानवर जैसा व्यवहार किया गया। यही नया भारत है।”

कौशल किशोर और विधायक अमरेश रावत ने की मुलाकात
मोहनलालगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद कौशल किशोर और विधायक अमरेश रावत ने बुधवार सुबह पीड़ित रामपाल से मुलाकात की। कौशल किशोर ने कहा, “रामपाल हमारे पुराने साथी हैं। उनके साथ हुई यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है। उन्होंने समझदारी दिखाई कि रात में हंगामा नहीं किया, वरना बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था।”

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