
अंबेडकरनगर। अकबरपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई। थाने से चार किलोमीटर दूर टांडा रोड स्थित अरिया पुलिस चौकी के ठीक बगल दबंगों ने एक मकान को जेसीबी से गिरा दिया। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरी कार्रवाई दिनदहाड़े हुई और आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही। घटना के दौरान प्रशासनिक अनुमति या राजस्व विभाग की मौजूदगी नहीं पाई गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस चौकी के साए में ध्वस्तीकरण
जिस स्थान पर मकान ढहाया गया, वह अरिया पुलिस चौकी से सटा हुआ क्षेत्र है। स्थानीय लोगों के अनुसार बुल्डोजर काफी देर तक चलता रहा, लेकिन शुरुआत में किसी तरह की रोक-टोक नहीं हुई। इस घटनाक्रम ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए। बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के समय मौके पर पुलिस की कोई मौजूदगी नहीं थी।
सूचना पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार
घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ कहा कि मकान का ध्वस्तीकरण राजस्व टीम की मौजूदगी में नहीं कराया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विवादित भूमि पर कार्रवाई का अधिकार केवल राजस्व विभाग को है। बिना अनुमति की गई इस कार्रवाई को उन्होंने नियमों के खिलाफ बताया।
जमीन के स्वामित्व को लेकर दो दावेदार
पूरे विवाद की जड़ जमीन का स्वामित्व है। जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर जिले के एक व्यक्ति ने उक्त भूमि का बैनामा कराने का दावा किया है। वहीं अंबेडकरनगर निवासी कमर अब्बास जमीन और मकान को अपनी संपत्ति बता रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट न होने के बावजूद एक पक्ष ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए मकान गिरा दिया।








