
अम्बेडकरनगर। जिले में बंद पड़े और घाटे में चल रहे सिनेमाघरों के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार ने प्रोत्साहन योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत पुराने, जर्जर और लंबे समय से संचालित न हो रहे सिनेमाघरों को दोबारा शुरू करने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए सिनेमाहाल और मल्टीप्लेक्स के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। अपर आयुक्त, राज्यकर (प्रभारी मनोरंजन कर) ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य जिले में मनोरंजन अवसंरचना को सुदृढ़ करना है।
जर्जर सिनेमाघरों की जगह आधुनिक ढांचा तैयार होगा
प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ऐसे सिनेमाघर जो पूरी तरह बंद हो चुके हैं या आर्थिक रूप से घाटे में चल रहे हैं, उन्हें पुनः उपयोग में लाने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। योजना में जर्जर छविगृहों को ध्वस्त कर उनकी जगह कम सीट क्षमता वाले आधुनिक सिनेमाहाल एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण की अनुमति दी गई है। इससे पुराने सिनेमाघर मालिकों को नई संरचना विकसित करने का अवसर मिलेगा और शहरों में आधुनिक मनोरंजन केंद्र स्थापित हो सकेंगे।
आंतरिक संरचना में बदलाव कर पुनः संचालन को बढ़ावा
योजना में उन सिनेमाघरों को भी शामिल किया गया है, जो अभी बंद हैं या सीमित संचालन में हैं। पुराने सिनेमाघरों की आंतरिक संरचना में आवश्यक परिवर्तन कर उन्हें आधुनिक स्वरूप में दोबारा शुरू करने के लिए सहायता दी जाएगी। वहीं, ऐसे एकल स्क्रीन सिनेमाघर जो बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के पुनः संचालित किए जा सकते हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य कम लागत में अधिक से अधिक सिनेमाघरों को फिर से सक्रिय करना है।









