
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आशा वर्कर्स ने सोमवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पर अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आईं आशा वर्कर्स ने आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन के बैनर तले नारेबाजी की और विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया।
भीषण ठंड के बावजूद यूपी के 75 जनपदों से आई आशा वर्कर्स स्टेशन पर जुटीं। पुलिस ने चार थानों की फोर्स के साथ स्टेशन और आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान आशा वर्कर्स ने नारे लगाए- “2 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं।” फिलहाल सभी वर्कर्स स्टेशन पर बैठी हुई हैं और लगातार नारेबाजी कर रही हैं।
आशा वर्कर्स की प्रमुख मांगें:
- भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, ईएसआई, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और पेंशन गारंटी।
- 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख का जीवन बीमा।
- काम के घंटे तय किए जाएं।
- 2017 से अब तक के लंबित भुगतानों का भुगतान।
- सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का भुगतान।
कानपुर से आईं आशा वर्कर नीतू दीक्षित ने कहा, “हम दूसरों के बच्चों का इलाज करवाते हैं, पर अपने बच्चों का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। ₹2000 वेतन में बच्चों को शिक्षा और बीमार होने पर इलाज कराना चुनौती बन गया है। इस ठंड में भी यह हमारी मजबूरी है कि हम अपने अधिकारों के लिए लड़ें।”








