
लखनऊ। केजीएमयू में धर्मांतरण के कथित मामले को लेकर गठित जांच कमेटी ने कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। कमेटी को 7 दिन में अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपी डॉक्टर:
लव जिहाद के आरोप में रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मालिक फरार है। पुलिस की कई टीमें उसे पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। उत्तराखंड के खटीमा भेजी गई टीम को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। अब संभावित ठिकानों पर दबिश बढ़ा दी गई है।
पैथोलॉजी विभाग जांच के घेरे में:
- वीसी ने शोकॉज नोटिस जारी कर कट्टरपंथी गतिविधियों का जिक्र किया।
- पूरे पैथोलॉजी विभाग पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू किया।
- कुलपति ने 5 सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसमें प्रो. केके सिंह, एमएस डॉ. सुरेश कुमार, प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा और डॉ. सुमित रूंगटा शामिल हैं।
- समिति ने शनिवार से जांच शुरू कर दी और रिपोर्ट 7 दिन में सौंपने का निर्देश है।
- पैथोलॉजी विभाग के एक फैकल्टी मेंबर की छुट्टी रद्द कर दी गई और उन्हें लखनऊ न छोड़ने की सलाह दी गई।
गंभीर आरोप:
- कुछ फैकल्टी मेंबर्स पर आरोप हैं कि उन्होंने आरोपी डॉक्टर के पक्ष में लॉबिंग की और पीड़ित के खिलाफ काम किया।
- आरोप है कि एक वर्ग विशेष के लोगों को प्रमोट किया गया और उन्हें तवज्जो दी गई।
- कुलपति ने इस घटना को बेहद संवेदनशील बताते हुए जांच शुरू करने का आदेश दिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।







