
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) योजना जिले के किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आई है। आधुनिक तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और सरकारी अनुदान के सहारे अम्बेडकरनगर के किसानों ने परंपरागत खेती से हटकर बागवानी को अपनाया और कम समय में उल्लेखनीय आर्थिक लाभ अर्जित किया है। जिले में टिश्यूकल्चर केले, स्ट्रॉबेरी और शिमला मिर्च की खेती इसके प्रमुख उदाहरण बनकर उभरी है।
टिश्यूकल्चर केले से किसान की आय में बड़ा उछाल
विकास खंड भीटी के गांव पिगरियांवा निवासी किसान देवनरायण पाण्डेय ने MIDH योजना के अंतर्गत टिश्यूकल्चर केला जी-9 प्रजाति की खेती कर आर्थिक सफलता हासिल की है। परंपरागत रूप से गेहूं, धान और गन्ने की खेती करने वाले किसान ने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में 3 हेक्टेयर भूमि पर केले की आधुनिक खेती शुरू की।
किसान द्वारा कुल 9270 टिश्यूकल्चर पौधों का रोपण किया गया। उद्यान विभाग की देखरेख में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई, जिससे पानी की बचत के साथ उर्वरकों का संतुलित प्रयोग संभव हुआ। वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर खेत का निरीक्षण कर खाद, सिंचाई, सहारा व्यवस्था और निराई-गुड़ाई के निर्देश दिए गए।








