
जलालपुर (अंबेडकर नगर)। वरिष्ठ पत्रकार पीयूष चतुर्वेदी चौबे के निधन से जिले के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त हो गया।
लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे
पीयूष चतुर्वेदी चौबे लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं और सामाजिक विषयों को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र में उनकी पहचान एक सजग और सक्रिय पत्रकार के रूप में रही। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने समाचार लेखन के साथ-साथ पत्रकारों के अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े विषयों पर भी निरंतर लेखन किया।
निधन की सूचना से शोक
उनके निधन की खबर फैलते ही जलालपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की स्थिति बन गई। स्थानीय पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कई पत्रकारों ने कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण रहा।
अंतिम संस्कार बालाघाट में संपन्न
पीयूष चतुर्वेदी चौबे का अंतिम संस्कार सोमवार को जलालपुर क्षेत्र के बालाघाट में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। अंतिम संस्कार में परिजनों के साथ बड़ी संख्या में पत्रकार, मित्र और क्षेत्र के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र के कई वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। पूर्व विधायक सुभाष राय, वरिष्ठ नेता राजेश सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार सर्वजीत त्रिपाठी ,प्रेस क्लब सचिव बृजेंद्र वीर सिंह, उपाध्यक्ष पंकज शुक्ल और सुधीर श्रीवास्तव ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।









