
जनपद के विकासखंड अकबरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुर्चा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर महिलाओं और कार्यकर्ताओं के लिए डिजिटल हिंसा पर जागरूकता कार्यक्रम एवं मानवाधिकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जन शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित सामुदायिक जागरूकता और सहभागिता के माध्यम से जलवायु कार्यवाही के लिए महिलाओं और कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना अभियान के तहत किया गया।
गोष्ठी में आधे सैकड़े से अधिक महिलाओं के साथ किशोरियां और पुरुषों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत “स्वतंत्रता, समानता और न्याय, यही है मानवाधिकार की पहचान” के सामूहिक उद्घोष के साथ हुई।
मानवाधिकार दैनिक जरूरतों से जुड़ा विषय
गोष्ठी में जन शिक्षण केंद्र की सचिव पुष्पा पाल ने कहा कि मानवाधिकार दिवस 2025 की थीम “मानवाधिकार, हमारी दैनिक आवश्यकताएं” है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की बुनियादी आवश्यकताएं हैं। काम का अधिकार, उचित वेतन, शिक्षा, समानता और सम्मान ऐसे अधिकार हैं जो न्यायपूर्ण समाज की नींव रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव महिलाओं के स्वास्थ्य और विकास पर पड़ रहा है, जिस पर सामूहिक रूप से सोचने और कार्य करने की आवश्यकता है।









