गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ 17वीं एफआईआर दर्ज

फ्लैट और भूखंड दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी का आरोप

वरुण सिंह और राजकुमारी यादव ने शिकायत दर्ज कराई

रावतपुर थाना में मामले की गहन जांच जारी

कानपुर महाराजगंज जेल में बंद कुख्यात भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को नेगी के खिलाफ शास्त्रीनगर निवासी वरुण सिंह और राजकुमारी यादव की तहरीर पर रावतपुर थाने में 17वीं एफआईआर दर्ज की गई। दोनों ने नेगी पर फ्लैट और भूखंड दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

फ्लैट दिलाने के नाम पर 19 लाख की ठगी

वरुण सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान वर्ष 2007 में नेगी से हुई थी। 2 अप्रैल 2012 को केशवपुरम में प्लॉट आवंटन का झांसा देकर नेगी ने पहले 2 लाख रुपए नगद और एक माह के भीतर 2 लाख रुपए चेक के माध्यम से वसूले। इसके बाद वर्ष 2017 में फ्लैट और बिल्डिंग निर्माण का झांसा देकर 15 लाख रुपए और वसूल लिए गए। कुल मिलाकर वरुण सिंह से 19 लाख रुपए लिए गए, लेकिन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई और नेगी ने निर्माण पूरा होने के बाद साफ इनकार कर दिया।

भूखंड के नाम पर 21 लाख रुपए की ठगी

शास्त्रीनगर निवासी राजकुमारी यादव ने भी नेगी पर 22 जुलाई 2017 को केशवपुरम स्थित 200 वर्ग फीट के आवासीय भूखंड को 21 लाख रुपए में खरीदने का आरोप लगाया। भुगतान बैंक ट्रांसफर और चेक के माध्यम से कई किस्तों में किया गया और 100 रुपए के स्टांप पर नोटरी भी कराई गई। बावजूद इसके जमीन उनके नाम नहीं की गई।

पुलिस की प्रतिक्रिया

रावतपुर थाना प्रभारी मनोज मिश्रा ने बताया कि गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ 17वीं एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में गहन जांच जारी है और दोनों पीड़ितों से जुड़े ठगी के आरोपों की विस्तार से जांच की जा रही है।

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