
अम्बेडकरनगर। मनरेगा को लेकर जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मनरेगा बचाओ संग्राम के पर्यवेक्षक कमलनयन वर्मा ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि रोजगार की संवैधानिक गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नई योजनाओं के माध्यम से मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
पुरानी तहसील स्थित शहीद स्मारक से शुरू हुई पदयात्रा शहजादपुर-दोस्तपुर चौराहे पर गांधी प्रतिमा तक पहुंची, जहां माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने मनरेगा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
गांवों में रोजगार का आधार बना मनरेगा
कमलनयन वर्मा ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे गरीब और मजदूर वर्ग को गांव में ही रोजगार मिला है, जिससे पलायन पर भी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि योजना ने ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है।
वर्मा ने कहा कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो इसका सीधा असर ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से योजना की मूल भावना को बचाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
कांग्रेस ने जताया विरोध
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्र ‘बब्लू’ ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अम्बेडकरनगर में मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में लगातार जनजागरण कर रहे हैं।








