
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अग्निवीर प्रेम सिंह को आखिरकार 9 महीने बाद शहीद का दर्जा मिल गया। इस खबर से जहां परिवार को गर्व है, वहीं लंबे इंतजार के बाद दुख भी छलक उठा।
19 वर्षीय प्रेम सिंह वर्ष 2024 में 14वीं राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए थे। 19 जून 2025 को उनकी तैनाती उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली-हर्षिल क्षेत्र में हुई थी। 5 अगस्त 2025 को इलाके में बादल फटने की घटना के दौरान सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी थी, तभी अचानक आई तेज धारा और मलबे में कई जवान बह गए, जिनमें प्रेम सिंह भी शामिल थे। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
लंबे समय तक खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो परिवार और सेना दोनों ही उन्हें तलाशते रहे। अब सेना ने औपचारिक घोषणा करते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दे दिया है।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे सेना के जवान तिरंगा लेकर राया थाना क्षेत्र के हर्रया नगला गांव पहुंचे। इस दौरान पूरे गांव में “शहीद प्रेम सिंह अमर रहें” के नारे गूंज उठे। सेना के अधिकारियों ने शहीद के माता-पिता को तिरंगा सौंपा और पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर 14वीं राजपूताना राइफल्स के जवानों के साथ क्षेत्र के लोगों का लंबा काफिला भी शामिल रहा। सूबेदार मेजर वीर सिंह ने परिवार को सांत्वना देते हुए सलामी दी।
शहीद के भाई राजू ने बताया कि करीब दो साल तक परिवार ने उनके लौटने का इंतजार किया, लेकिन अब अंतिम विदाई देनी पड़ रही है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं शहीद के साहस और बलिदान पर लोगों को गर्व भी है।







