
लखनऊ। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच राजधानी लखनऊ से ईरान को आर्थिक मदद भेजे जाने का मामला सामने आया है। शहर की दरगाह हजरत अब्बास में एक QR स्कैनर लगाया गया है, जिसके जरिए शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में आर्थिक सहयोग भेज रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह स्कैनर सीधे ईरान एंबेसी से जुड़ा हुआ है, जिससे डिजिटल माध्यम से सहायता राशि भेजी जा रही है।
महिलाएं बेच रहीं जेवर, बच्चों ने तोड़ी गुल्लक
मदद के इस अभियान में भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिल रहे हैं। कई महिलाएं अपने जेवर बेचकर ईरान की मदद के लिए आगे आईं, जबकि छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर पैसे दान किए।
दरगाह परिसर में कई महिलाएं भावुक होकर रोती नजर आईं। एक महिला ने कहा कि वह ईरान की हर संभव मदद करेंगी और जरूरत पड़ने पर अपने बेटों को भी कुर्बान करने को तैयार हैं।
“हर हाल में करेंगे मदद” – शिया समुदाय
शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर ईरान की मदद करेंगे। लोगों का कहना है कि चाहे उन्हें अपनी बचत खर्च करनी पड़े या जेवर बेचने पड़ें, वे पीछे नहीं हटेंगे।
उनका कहना है कि ईरान ने हमेशा इंसानियत के लिए खड़ा होकर काम किया है और अब वक्त है कि वे भी ईरान के साथ खड़े हों।
दरगाह प्रशासन का बयान
दरगाह के अध्यक्ष मीसम रिजवी ने बताया कि QR कोड के जरिए सीधे ईरान एंबेसी को आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल कैश भेजने में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसको लेकर ईरान एंबेसी और ईरान कल्चरल हाउस से बातचीत की जा रही है, ताकि उनका प्रतिनिधि आकर नकद सहायता प्राप्त कर सके।







