
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आईटी नियम-2021 में संशोधन के लिए नया मसौदा जारी किया है, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, अब प्लेटफॉर्म्स को सरकार द्वारा जारी निर्देश, गाइडलाइन और एडवाइजरी का पालन करना अनिवार्य होगा।
मसौदे में साफ किया गया है कि यदि कोई डिजिटल कंपनी सरकारी निर्देशों की अनदेखी करती है, तो उसे सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ऐसे मामलों में कंपनियों को मिलने वाली “सेफ हार्बर” यानी कानूनी सुरक्षा भी खत्म की जा सकती है।
नए प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए हर कंटेंट की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। अभी तक कंपनियां इस जिम्मेदारी से काफी हद तक मुक्त रहती थीं, लेकिन संशोधित नियमों के लागू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी।
इसके अलावा, नए नियमों में डेटा सुरक्षा को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी अन्य कानून के तहत डेटा को सुरक्षित रखना जरूरी है, तो प्लेटफॉर्म उसे डिलीट नहीं कर सकेंगे। वित्तीय, टैक्स और जांच से जुड़े मामलों का डेटा सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पहले यह केवल न्यूज पब्लिशर्स पर लागू होता था, लेकिन अब सोशल मीडिया पर न्यूज या करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने वाले यूजर्स भी इसके दायरे में आएंगे।
मसौदे में यह भी प्रावधान किया गया है कि सरकार किसी भी कंटेंट से जुड़े मामले को सीधे समीक्षा कमेटी के पास भेज सकती है, इसके लिए किसी शिकायत का इंतजार करना जरूरी नहीं होगा।
सरकार ने इस मसौदे पर 14 अप्रैल तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम नियमों को लागू किया जाएगा।








