
लखनऊ: लोकगायिका नेहा सिंह राठौर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं। वह पहलगाम आतंकी हमले और प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी से जुड़े मामले में कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए बेल बॉन्ड भरने आई थीं।
कोतवाली पहुंचने के दौरान उनके साथ उनके पति हिमांशु भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि थाने में एसएचओ के मौजूद न होने के कारण कानूनी प्रक्रिया तुरंत पूरी नहीं हो सकी, जिससे उन्हें कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
नेहा सिंह राठौर को 10 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। शीर्ष अदालत की पीठ, जिसमें जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर शामिल थे, ने यह माना कि वह पहले ही जांच एजेंसियों के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं।
अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण देते हुए आगे भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां 7 जनवरी को उन्हें अंतरिम राहत मिली थी। बाद में 10 मार्च को उन्हें स्थायी रूप से अग्रिम जमानत दे दी गई।
गाने को लेकर हुआ था विवाद
लखनऊ पुलिस के अनुसार, 12 मई को नेहा सिंह राठौर के एक गाने “चौकीदारवा कायर बा… बेटियां किसानन खातिर बनल जनरल डायर बा…” को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगाया गया कि इस गाने में उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना जनरल डायर से की है।








